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लेखनी प्रतियोगिता -04-Jan-2024 ब्रेल लिपि नेत्रहीन लोगो के लिए एक वरदान



शीर्षक = ब्रेल लिपि नेत्रहीनो के लिए एक वरदान





जिस तरह समान्य लोगो के बोलचाल के लिए अनेको तरह की भाषाएँ उपलब्ध है उसी तरह जो लोग किन्ही कारण वश अपनी आँखे कहो चुके है और चाह कर भी देख नही सकते ऐसे ही लोगो की कदम से कदम मिला कर चलने के लिए एक लिपि का उपयोग किया जाता है जिसे ब्रेल लिपि कहते है


आज हम जानेंगे कि इसका अविष्कार किसने किया था और ये किस तरह उपयोगी है नेत्रहीन लोगो के लिए



World Braille Day 2024 दृष्टिहीन लोगों को शिक्षित करने और समाज में कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए ब्रेल लिपि का आविष्कार किया गया था। लुइस ब्रेल इस लिपि के आविष्कारक थे जिनका 4 जनवरी को  हुआ था। उन्ही के जन्मदिवस के अवसर पर यह दिन मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस खास दिन से जुड़ी कुछ जरूरी बातें।


हर साल 4 जनवरी का दिन दुनियाभर में ब्रेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उन लोगों के लिए खास महत्व होता है जो देख पाने में असमर्थ हैं। विश्व ब्रेल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य नेत्रहीन लोगों की जिंदगी केे चैलेंजेस, उनके अधिकारोंं, उनके प्रति समानता का भाव रखना इसी के बारे में जागरूकता फैलाना है। विश्व ब्रेल दिवस लुइस ब्रेल के जन्मदिवस के तौर पर मनाया जाता है। लुइस ब्रेल ही वह शख्स थे जिन्होंने दृष्टिहीन लोगों के लिए ब्रेल लिपि का आविष्कार किया था। जिससे वो भी पढ़-लिखकर समाज में कदम से कदम मिलाकर चल सकें।


विश्व ब्रेल दिवस की कैसे हुई थी शुरुआत?


संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 6 नवंबर 2018 को एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें हर साल 4 जनवरी को ब्रेल लिपि की खोज करने वाले लुइस ब्रेल के जन्मदिन यानि 4 जनवरी को वर्ल्ड ब्रेल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। पहली बार इस दिन को 4 जनवरी 2019 को मनाया गया था। नेत्रहीन लोगों के लिए ब्रेल लिपि एक बहुत बड़ी खोज साबित हुई और इसकी मदद से ऐसे लोग भी पढ़ाई से महरूम नहीं हैं।


विश्व ब्रेल दिवस की थीम


हर साल ब्रेल दिवस को एक नई थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। इस साल की थीम है 'Empowering Through Inclusion and Delivery'


ब्रेल लिपि का आविष्कार कैसे हुआ?


लुइस ब्रेल के पिता साइमन रेले ब्रेल, शाही घोड़ों के लिए काठी एवं जीन बनाने का काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने की वजह से 3 साल की उम्र से ही लुइस भी इस काम में अपने पिता का हाथ बटांने लगे। एक दिन काम करते हुए उनकी एक आंख में चाकू घुस गया था जिससे उन्हें एक हाथ से दिखना बंद हो गया। धीरे-धीरे उनकी दूसरी आंख में भी परेशानी बढ़ने लगी और इसके चलते दूसरी आंखों की रोशनी भी चली गई। 8 साल की उम्र में ही लुइस अंधे हो गए।


इसके बाद लुइस ब्रेल को पढ़ाई के लिए नेत्रहीन लोगों के स्कूल में एडमिशन कराया गया। जहां उन्हें आर्मी की एक ऐसी लिखावट के बारे में पता चला जिसे अंधेरे में भी उंगलियों की मदद से पढ़ा जा सकता है। इस आइडिया से उन्हें ब्रेल लिपि के आविष्कार की प्रेरणा मिली। 



समाप्त....

प्रतियोगिता हेतु....

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7 Comments

Gunjan Kamal

08-Jan-2024 09:19 PM

👏👌

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Madhumita

07-Jan-2024 06:43 PM

Nice

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Khushbu

07-Jan-2024 06:05 PM

V nice

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